कोहरे ,कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चौराहो पर अलाव न जलने से व्यपारियो में काफी आक्रोश
अमिट रेखा/ राम अशीष तिवारी
खजनी /गोरखपुर। तीन दिन पड रहे कुहासा से जहां वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने लगा है वहीं कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को बदल कर रख दिया है। बीते तीन दिन से सर्द हवा से कपकपनी और बढ़ गई है। बदन से हवा का स्पर्श होते ही लोग ठिठुरने पर मजबूर हो जा रहे हैं। हर समय कुहासा छाए रहने से सुबह-शाम का फर्क मिट गया है। सुबह में घना कुहासा और आकाश से गिर रहे फुहार की तरह गिर रहे ओस एवं हवा से ठंड में वृद्धि हो गई है। बीते दो दिन से दोपहर में धूप की हल्की झलक दिखती है। जिससे मौसम साफ होने की संभावना दिखने लगती है। लेकिन दो घंटे बाद ही यह झलक भी गायब हो जाती है और फिर वातावरण कुहासा के आगोश में आ जाता है और लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर देता है।
दिन में भी लाइट जला कर चलते हैं वाहन हर दिन घना कुहासा के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। वहीं, कई जगह वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। कुहासा का असर सुबह से करीब दस बजे तक तथा शाम से लेकर अगले दिन तक जारी रहता है। जिस कारण दिन में भी वाहनों को लाइट जला कर चलना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर चलने पर हो रही है।
यात्रियों को रही भारी परेशानी कड़ाके की ठंड में यात्रियों को आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यात्रियों को बस एवं ट्रेन पकड़ने लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रेन एवं बस के इंतजार में चौकी चौराहो से ठंड में गुजारना पड़ता है। प्रशासन की ओर से अभी भी कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
कड़ाके की ठंड के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी चौक-चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है
शाम ढलते ही बाजार में पसरता है सन्नाटा ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या में आए बदलाव के कारण लोग जरूरी काम के कारण ही घर से बाहर निकल रहे हैं। वहीं, बाहर अन्य काम से गए लोग एवं खरीदारी करने गए लोग भी जल्द ही घरों को लौट जाते हैं। जिससे बाजार में जल्द ही सन्नाटा पसर जाता है। ग्रामीण इलाके से भी कम संख्या में ग्राहक आ रहे हैं। जिस कारण कुछ वस्तुओं को छोड़ अन्य का बाजार मंदा है।
ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ी : इधर हर दिन ठंड में इजाफा होता जा रहा है उधर ऊनी कपड़ों की मांग में तेजी आ गई है। बाजार में स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर, दस्ताना, कंबल, शॉल आदि की बिक्री तेज हो गई है। कपड़ों की दुकानों पर ऊनी कपड़ों की खरीदारी करने वाले ग्राहक पहुंच रहे हैं।
बुजुर्ग एवं बच्चों की परेशानी बढ़ी : ऐसे तो कड़ाके की ठंड ने सभी का जीना मुहाल कर दिया है। लेकिन खासकर बच्चे एवं बुजुर्गों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिशुओं को इस ठंड में काफी सावधानी से रखना पड़ रहा है। ठंड से बचाने में अभिभावकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, बुजुर्गों को इस ठंड में कई प्रकार की तकलीफ बढ़ जाती है। ब्लड-प्रेशर, डाइबिटिज, हार्ट, ऑर्थराइटिस से ग्रस्त मरीजों को इस मौसम में काफी परेशानी हो रही है। चिकित्सक के अनुसार, ऐसे मरीजों को इस मौसम में सावधानी से रहने का कार्य करे तहसील के जिम्मेदारों से दूरभाष पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया फोन नहीं उठा जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।