अटल जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन, विचारों और काव्य को किया गया नमन

Dec 25, 2025 - 12:00
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अटल जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन, विचारों और काव्य को किया गया नमन

अटल जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन, विचारों और काव्य को किया गया नमन

अमिट रेखा/ राजधारी प्रसाद 

गोरखपुर। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संस्था विद्या बाल कल्याण सेवा सदन, आलीपुर खेड़ा (मैनपुरी) द्वारा बरगदही, गोरखपुर में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर तीन दिवसीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार राधे श्याम सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में गुलाब सिंह (चेयरमैन, गन्ना समिति गोरखपुर), राघवेंद्र प्रताप सिंह (प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख भटहट), सुनीता सिंह (प्रबंधक, न्यू सरस्वती इंटर कॉलेज बरगदही), युवा भाजपा नेता प्रिंस कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह एवं अजय सिंह शामिल रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के मंत्री करुणा निधि पाण्डेय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक एवं कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने और अपने कार्यकाल में देश को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए।
मुख्य अतिथि राधे श्याम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी नेता और उत्कृष्ट कूटनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सशक्त पहचान बनाई और पड़ोसी देशों सहित विश्व के अनेक राष्ट्रों के साथ भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका नेतृत्व, संवाद शैली और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी राजनेताओं के लिए प्रेरणा है।
कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के साहित्यिक पक्ष को भी विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वे एक संवेदनशील कवि और लेखक थे, जिनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से झलकते हैं। उनकी रचनाएं आज भी पाठकों के हृदय को छूती हैं और युवाओं को सकारात्मक सोच की दिशा देती हैं।
तीन दिवसीय समारोह के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एक दिन वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एक दिन कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय एवं आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के समापन अवसर पर अमित दीक्षित की टीम द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन चरित्र पर आधारित संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। देशभक्ति गीतों, नाट्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन, विचार और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।