अंतरराष्ट्रीय कवि एवं शायरों ने बिखेरे काव्य का जादू

Dec 5, 2025 - 18:59
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अंतरराष्ट्रीय कवि एवं शायरों ने बिखेरे काव्य का जादू

अंतरराष्ट्रीय कवि एवं शायरों ने बिखेरे काव्य का जादू

अमिट रेखा/राकेश कुमार वर्मा /दुदही /कुशीनगर

सोमवार को पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 7:00 बजे नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अजीम आलम, इमरान आलम एवं टीम अजीम आलम के द्वारा भारतीय सेना के सौर्य एवं बलिदान को समर्पित कौमी एकता मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन मैहरवा स्थित हल्दी ग्राउंड में किया गया। साथ ही हाई स्कूल एवं इंटर में प्रथम स्थान लाने वाले छात्र छात्राओं के साथ ही आईआईटी के परीक्षा में प्रथम प्रयास में ही अपना स्थान पाने वाले, सेना के नौजवानों व पत्रकारों को अंग वस्त्र के साथ उपहार भेंट कर उनके प्रतिभा को सम्मानित किया गया। कवि सम्मेलन में बाहर से आने वाले कवियों से पूर्व मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार कामाख्या नारायण मिश्र ने किया। अपने संचालन के दौरान उपस्थित समुदाय को उन्होंने अपने एक ग़ज़ल "आग के शोलो से दामन को बचाकर रखिए" सुनाकर सबको आत्मविभोर कर दिया। उसके उपरांत 8:00 बजे पहुंचे कवियों एवं शायरों को मंच समर्पित कर दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उर्दू- हिंदी कविता के माध्यम से सेना के जज्बे और बलिदान को अमर बनाना था। "गंगा जमुनी तहजीब" के इस शहर में आयोजित इस अनूठे आयोजन में देशभर के नामचीन शायर एवं कवि शामिल हुए। जिन्होंने देशभक्ति, एकता और शहीदों के सम्मान पर अपनी रचनाएं पेश की। साथ ही कविता एवं मुशायरा के माध्यम से देश की विविधता में एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में ही भोजपुरी के हास्य कवि बादशाह प्रेमी ने हास्य कविता के दौरान "मउगहवा" हशी की व्याख्या कर सबको हंसा कर लोटपोट कर दिया, वहीं वीर रस के कवि अपूर्व विक्रम शाह की लाइन "कबीर तुलसी की पाती हाकीम का फरमान नहीं है, और दिल्ली जैसा दिखलाती वैसा तो हिंदुस्तान नहीं है। मोहब्बत के शागिर्द है ये, ये नफरत के उस्ताद नहीं है। अशफाक उल्ला खान के बेटे, जिन्ना की औलाद नहीं है।" सुना कर लोगों के दिलों और दिमाग में देश प्रेम के जज्बा को भर दिया संपूर्ण पंडाल भारत माता की जयकारे के साथ गुंजायमान हो गया। नामचीन कवियों एवं शायरों में अजहर इकबाल, सबीना अदीब, अपूर्व विक्रम शाह, मणिका दुबे, नदीम फारूक, डॉक्टर अनिल चौबे,भोजपुरी के हास्य कवि बादशाह प्रेमी, अखिलेश द्विवेदी इलाहाबादी, जौहर कानपुरी, आदिल रशीद, मोहतरमा सवा जी आदि जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्व शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन मशहूर कवि नदीम फारुख ने किया जो अपनी वेबाक शायरी से माहौल को और सरल बनाते।