सीएम डैशबोर्ड पर धीमी योजनाओं को लेकर सख्त हुए मंडलायुक्त, अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की मंडल स्तरीय समीक्षा
फील्ड सत्यापन के बिना आंकड़ों को नहीं माना जाएगा – अनिल ढिंगरा
रैंकिंग सुधार के लिए जिलों को तय करने होंगे स्पष्ट लक्ष्य
अमिट रेखा/ विनीत कुमार
गोरखपुर।
मण्डल स्तरीय मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (सीएम डैशबोर्ड) के अंतर्गत नवंबर माह की प्रगति की समीक्षा बैठक मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने की। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव, परियोजना निदेशक दीपक सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड पोर्टल के माध्यम से विभागवार प्रगति रिपोर्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन किया गया। स्क्रीन पर गोरखपुर मंडल में संचालित विकास परियोजनाओं की लागत, स्वीकृति वर्ष, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, कार्य की वर्तमान स्थिति और पूर्णता की निर्धारित समय-सीमा का विवरण प्रदर्शित किया गया। विशेष रूप से एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं पर फोकस किया गया।
प्रेजेंटेशन के दौरान लोक निर्माण विभाग, जल निगम, नगर निगम, आवास विकास परिषद, सिंचाई विभाग, वन विभाग सहित अन्य निर्माण एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की संख्या, प्रगति प्रतिशत और लंबित कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। आंकड़ों के अनुसार कई परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर ली गई हैं, लेकिन कुछ योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर मंडलायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रत्येक योजना की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में कार्य की गति धीमी है, वहां संबंधित विभागीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी तय करें। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर आंकड़े अपडेट करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भौतिक प्रगति का फील्ड स्तर पर सत्यापन भी अनिवार्य रूप से किया जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद स्तर पर सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने के लिए सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व, नगर विकास, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने नगर निगम से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छता, सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और जलापूर्ति से जुड़े कार्यों में निरंतर सुधार हो रहा है। जिन परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें शीघ्र पूरा कर पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
प्रभागीय वनाधिकारी विकास यादव ने बताया कि वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति नियमित रूप से सीएम डैशबोर्ड पर अपडेट की जा रही है। वहीं परियोजना निदेशक दीपक सिंह ने ग्रामीण विकास परियोजनाओं की वित्तीय और भौतिक स्थिति से अवगत कराया।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने दो टूक कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर दिखाई जाने वाली जानकारी वास्तविक, पारदर्शी और अद्यतन होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें बेहतर प्रदर्शन ही जनहितकारी शासन का प्रमाण होगा।