ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में ठंड के प्रकोप से जनजीवन अस्त व्यस्त

Dec 28, 2025 - 21:14
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ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में ठंड के प्रकोप से जनजीवन अस्त व्यस्त

नगर पंचायत क्षेत्र मेंअलाव  की है व्यवस्था परंतु गिली लकडियो के कारण ठंड से नहीं मिल रही निजात

गरीब बेसहारों को गर्म  वस्त्र की आवश्यकता, जनप्रतिनिधि ने गरीबों में ठंड के मौसम में नहीं दिखायी दरिया दिली

रेन बसेरा भी खाली किसी गरीब को नहीं मिल रहा आसरा पुवाल जला कर ठंड से मुकाबला कर रहे ग्रामीण

अमिटरेखा/कृष्णा यादव /तमकुहीराज /कुशीनगर

शरद ऋतु के मौसम में पछुआ हवा की ठंड ने ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरी क्षेत्र में भी लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी है जनजीवन प्रभावित हुआ है वही गरीब बेसहारा आम जनजीवन के समझ रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ठंड के मौसम में वृद्ध व्यक्तियों का और बुरा हाल है। ठंड के प्रकोप से संघर्ष करते हुए लोग ग्रामीण क्षेत्र में पुवाल जलाकर ठंड से मुकाबला कर रहे हैं वही स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र में अलाव जलाने के नाम पर गीली लड़कियां गिरा करके जगह-जगह छोड़ दिया गया है काफी प्रयास के बाद भी लकड़ी गीली होने के कारण ठंड के मौसम में अलाव के रूप में उपयोग नहीं हो रही हैं। नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर एक मुसर बस्ती मैं बेसहारा गरीब के साथ ही गांव में भी बेसहारा मजदूर वर्गरात्रि में गर्म वस्त्र नहीं होने के कारण अपने आप को एक चादर में लपेट करके किसी तरह से ठंड का मुकाबला कर रहा है इन गरीबों में जन् प्रतिनिधियों द्वारा ठंड के मौसम में गर्म बस्त्र की कोई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है जिससे पेसहारा वर्ग उदासीन और ठंड से परेशान है। स्थानीय क्षेत्र में ठंड का तापमान 18 सेल्सियस के लगभग मापा गया है बृहस्पतिवार के रात्री से शुक्रवार की सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटा यह क्षेत्र ठंडक के मार को झेल रहा है ठंडक से बढी दुश्वारियां के कारण मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा वह परिवार शाम को दाल और सब्जी के लिए तरस गया है। ठंड के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार खांसी सर्दी की बीमारियों से भी गरीब झेल रहा है। नगर पंचायत तमकुही के द्वारा इस बढ़ती ठंड में भी गरीब बेसहारा लोगों में गर्म वस्त्र अहैतुक सहायता की कोई प्रबंध नहीं है। गरीबों की समक्ष रोजी-रोटी एवं भोजन पानी ठंडक से बचने के लिए गर्म वस्त्र की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण गरीब मजबूर और असहाय पड़ा हुआ है।