कुशीनगर में परिवहन विभाग की मिली भगत से जालसाज फाइनेंसर की भरमार

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 कुशीनगर में परिवहन विभाग की मिली भगत से जालसाज फाइनेंसरो  की भरमार

फर्जी आधार कार्ड  से  सैकड़ों वाहनो का किया जा चूका पंजीकरण -सूत्र



अमिट रेखा /आनंद गुप्त /जिला रिपोर्टर /कुशीनगर 

                        कुशीनगर परिवहन विभाग की मिली भगत से जालसाज फाइनेंसर की भरमार है ।प्राइवेट कंपनियां के फाइनेंसर /एजेंट फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी भी दूसरे के नाम पर बड़े से बड़े वाहनों का लोन कर भारी से भारी वाहनों का पंजीयन करना आम बात हो गई है। कुशीनगर परिवहन बिभाग कि भूमिका संदेह के घेरे में है ।

                          सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुशीनगर जनपद इन दिनों फर्जी फाइनेंसरो कि चंगुल में है, सूत्रों का कहना है.कि फाइनेंस कंपनी का ऋण अधिकारी और परिवहन बिभाग के अधिकारी वाहन निर्माता कम्पनियों के कर्मचारियों के साठ-गाठ से फर्जी दस्तावेज व फर्जी गारंटर  कि मदद से फर्जी आधार कार्ड व फर्जी दस्तावेज पेपर तैयार कर किसी भी प्रकार के भारी से भारी वाहन,हल्का वाहन,मोटर साईंकिल ,फ्रिज,टीवी,वाशिंग मशीन,मोबाईल लोन पास कराकर रकम का आपस में बन्दर बांट करते है यदि किसी आधार कार्ड धारक को फाइनेंसरो के द्वारा सुचना देने पर लोगो का हाथ पाव सूजना चालू हो जाता है आधार कार्ड धारक यदि अपनी फरियाद लेकर थाने जाता है, तो कुशीनगर जनपद उस थाने कि पुलिस के द्वारा भेट कि रकम मांगी जाती नहीं देने पर उल्टा डांट खानी पड़ती है. यह जाँच का बिषय है, कि किस-किस के नाम से फर्जी दस्तावेज व फर्जी गारंटर  कि मदद से दलाल लोन हुवा पड़ा है आप अपना भी आधार जाँच करा ले कही आप भी शिकार हो चुके है ।  

इसी तरह से एक घटना पटहेरवा थाना क्षेत्र निवासी गांव करमैनी टोला रामकोला निवासी एक व्यक्ति का है उक्त ब्यक्ति को उस समय ज्ञात हुआ कि वह पिकअप का मालिक है, जब चौरा पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई।पूरा परिवार व गांववासी सन्न है कि बिना पिकअप खरीदे पिकअप का स्वामी वह कैसे बन गया? तथा सूत्रों का कहना है कि उक्त गांव के अल्फाज सैफी पुत्र अजीज अंसारी जो निहायत गरीब वह कमजोर व्यक्ति है।वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।२३ सितंबर को चौराखास थाने की पुलिस उसे घर से उठा ले गयी।थाने पर जाने पर पहले तो एक दिनों तक चौरा पुलिस मोल भाव करती रही कि एक लाख दे दो छोड़ दिया जायेगा सही घटना करने वाले का पता लगाया जायेगा पैसा नहीं देने पर यह ज्ञात हुआ कि उस पिकअप से गौवंश बरामद हुये है।पुलिस को वह यह बताता रहा कि उसके पास कोई पिकअप नही है।लेकिन चौरा पुलिस ने पिकअप के साथ उसे जेल भेज दिया।दूसरे ओर उसके परिजन व रिश्तेदार खोजबीन किये तो किसी व्यक्ति द्वारा उसके नाम से फाइनेंस कराकर पिकअप की रजिस्ट्रेशन भी उसी के नाम से कराया लिए है , और दो क़िस्त भी जमा है।जबकि फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की लगा हुवा ।

बेचारा अल्फाज सैफी पुत्र अजीज अंसारी जेल में है परिजन व रिश्तेदारो द्वारा कुशीनगर जिले के जिलाधिकारी ,पुलिस अधीक्षक  व उप सम्भागीय अधिकारी  को पत्रक दे कर उक्त घटना का  जाँच कराकर दोसियो को न्याय कि भीख मांग रहे है तथा यह भी कहना है,कि वह बहुत ही निर्धन व गरीब परिवार से है।उसका लड़का दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का परवरिश करता है।उसके घर कोई पिकअप कभी नही खरीदी गई और नही कभी रही है।किसी जालसाज तस्कर द्वारा यह कृत्य किया गया है।पूरे प्रकरण की जांच करके उसके लड़के को न्याय दिलाया जाये,क्योंकि यह पूरा प्रकरण किसी जालसाज व्यक्ति द्वारा कारित किया गया है। 

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