80 लाख की बड़ी धनराशि खर्च करने के बाद भी छात्रावास को उपयोग के लायक नहीं बनाया जा सका है।

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अमिट रेखा/राज पाठक
कसया/कुशीनगर

वित्तीय वर्ष 2013-14 में आयल नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) ने कुशीनगर के ऐतिहासिक बुद्ध जयंती छात्रावास की मरम्मत के लिए 80 लाख रुपए का बजट दिया। इसकी पहल तत्कालीन सांसद व केंद्र में मंत्री रहे कुंवर आरपीएन सिंह ने की थी। इस धनराशि से छात्रावास की खोई रौनक तो नहीं लौटी, उल्टे नवीनीकरण के चंद सालों बाद ही छात्रावास की दशा और खराब हो गई है।छात्रावास के कमरे बदरंग हो गए हैं। दीवार और फर्श जगह-जगह से टूटने लगी है। कामन बाथरूम, बिजली व्यवस्था, हैंडपंप, वाटर सप्लाई व्यवस्था सब तहस नहस हो गई है। खेल कूद इंडोर आउटडोर फील्ड में बारिश का पानी सड़ रहा है। घास उग आई है। तात्पर्य यह कि 80 लाख की बड़ी धनराशि खर्च करने के बाद भी छात्रावास को उपयोग के लायक नहीं बनाया जा सका है।
बुद्ध पीजी कालेज, कुशीनगर के प्राचार्य डा.अमृतांशु कुमार शुक्ल ने कहा कि छात्रावास का पूर्व में नवीनीकरण व मरम्मत कार्य हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण आगे कार्य नहीं हो सका। स्थिति सामान्य होने पर छात्रावास का कायाकल्प किया जाएगा।

69650cookie-check80 लाख की बड़ी धनराशि खर्च करने के बाद भी छात्रावास को उपयोग के लायक नहीं बनाया जा सका है।