वाह! बिजली की अजीब व्यवस्था

Spread the love

बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते गांव में जर्जर तार दे रहें हैं हादसों को निमंत्रण

अमिट रेखा/अमित यादव तहसील प्रभारी
कप्तानगंज/कुशीनगर

बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते जर्जर तार आए दिन हादसों का कारण बने हुए है। स्थिति यह है कि आए दिन किसी न किसी क्षेत्र से हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हादसे हो रहे है

बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही का सच देखना है तो आइए भटवलिया गांव में देखे जो सड़क रामकोला रोड से भटवलिया गांव में प्रवेश कर रहा है उसी बीच में यहा 11 हजार केवीए का हाईटेंशन व एलटी तार दशकों से जर्जर स्थिति में है जो लकड़ी के खंभों पर ठीका है कभी घटना घट सकती है इस
जर्जर झूलता हाईटेंशन तार वर्ष पुराने झूलते हाईटेंशन तार से आए दिन हादसा होना दिनचर्या सी बन गई है। 11 हजार केवीए का हाईटेंशन व एलटी तार दशकों से जर्जर स्थिति में है।शहर की सड़कों पर झूल रहे जर्जर बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं। इन तारों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है
खुले जर्जर तार लगे हुए हैं। जिनसे अक्सर हादसे होते रहते हैं। लेकिन अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बंदर पूरे दिन तारों पर झूलते रहते हें। जिससे बिजली के तार अक्सर टूट जाते हैं। तारों में गाडिंर्ग न होने से तेज हवा व आंधी के समय वह आपस में टकराते हैं। स्पार्किंंग होने से चिंगारिया निकलतीं हैं। जिससे आग लगने का खतरा भी बना रहता है।
ऐसे में अगर बिजली का तार टूटकर गिर जाए। तो बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली के तार सड़क पर काफी नीचे हैं। ऐसे में वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को हादसे का डर सताता रहता है।
तारों में गार्डिंग नही लगीं हैं। जिससे तार एक दूसरे में चिपके रहते हैं। हवा चलने पर वह आपस में टकराते हैं। बिजली विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है जर्जर तार बदलने के नाम पर रिसवत भी मांगा जाता है रिसवत ना देने पर जर्जर तार नहीं बदला गए बिजली विभाग की लूट से ग्रामीण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है कई बार ग्रामीणों ने इन जर्जर तारों को बदलने की मांग की लेकिन अब तक बिजली विभाग के कर्मचारीयों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

3380cookie-checkवाह! बिजली की अजीब व्यवस्था