किसान हल्दी की खेती कर दू ना आय कमा सकता है

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हल्दी की खेती के लिए तमकुहीराज तहसील क्षेत्र की भूमि सबसे अधिक उपजाऊ है
किसान हल्दी की खेती कर दू ना आय कमा सकता है
उत्तर प्रदेश सरकार को धान गेहूं क्रय केंद्र के तरह हल्दी का भी खरीद समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए
अमिट रेखा- कृष्णा यादव
तरयासुजान(कुशीनगर)
भौगोलिक दृष्टि से तमकुहीराज तहसील क्षेत्र की भूमि बलूईदोमट के नाम से जानी जाती है गेहूं धान गन्ना मक्का ज्वार बाजरा के अलावा किसान भाई हल्दी की खेती के तरफ ध्यान दे । ऐसे दुना आमदनी हो सकता है इसके लिए भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को किसानों के प्रति उदारता बरतते हुए हल्दी की खेती को प्रोत्साहन देना चाहिए साथ ही इसकी खरीदारी तथा समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए क्योंकि गत वर्ष अत्यधिक वर्षा होने के कारण इस क्षेत्र के किसान की धान की फसल पानी में डूब गई गन्ना की फसल खड़े-खड़े खेतों में सूख गई सरकार द्वारा किसानों के इस क्षति के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया अगर निर्देश भी हुआ होगा तो मात्र कर्मचारियों के कागजों तक सीमित कर ही रह गया इसका लाभ किसान को नहीं मिला किसान चारों तरफ से परेशान ही परेशान नजर आ रहा है जो भी गन्ना खेतों में गन्ना बचे थे उसको तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के सेवरही शुगर चीनी मिल को अप्रैल तक आपूर्ति किया है खेतों में गन्ना छोड़कर सेवरही चीनी मिल बंद हो गई आज तक किसानों के खाते में उनके गाड़ी कमाई गन्ने का पैसा का भुगतान अभी तक मिल मालिकों द्वारा नहीं भेजा गया है गेहूं की कटाई 10 दिन के बाद शुरू होने वाली है नहरों में पानी नहीं है किसान के पास उनके समर्थन मूल्य का पैसा भी नहीं खाते में आया है किसान चारों तरफ से परेशान है साधन सहकारी समितियों की बात किया जाय तो समितियों पर खाद नहीं है वर्तमान सरकार द्वारा इस जनपद के सौभाग्य से प्रभारी मंत्री जो इस प्रदेश के सहकारिता मंत्री हैं उन्होंने कभी कुशीनगर जनपद के अंदर तमकुही राज तहसील में संचालित समितियों का हाल-चाल तक भी नहीं पूछा है कारण यह है कि सचिवों को तनखा भी नहीं मिल रही है अगर जब उनको तनखा नहीं मिलेगा तो काम में उनकी रुचि भी नहीं लग रही है खाद कौन मंगाए कौन ले आए कौन बेचे किसान बेहाल है अपने खेतों में उर्वरक डालने के लिए बाजारों से नकली खाद मांगे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर है सरकार किसानों की दशा सुधारने में लगी है लेकिन इस तहसील के किसानों की दुर्दशा ज्यों की त्यों बनी हुई है किसानों की समस्याओं की तरफ कोई नेता क्या पार्टी के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं इस संबंध में सेवरही के पूर्व विधायक कासिम अली से एक भेंटवार्ता के दौरान गन्ना किसानों की समस्या पर हमारे प्रतिनिधि ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह गन्ना उपजाऊ क्षेत्र है लेकिन बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद हो रहे हैं पानी निकासी के लिए अभी तक सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया मैं विधायक रहते हुए भी सदन में क्षेत्र की समस्याओं को उठाता रहा चर्चा करता रहा लेकिन जो भी सरकारें आई सुनती रही परंतु इस क्षेत्र के लिए सामूहिक रूप से कुछ भी नहीं किया आज स्वर्गीय बाबू गेंदा सिंह के प्रयास से स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के अथक प्रयास से गंडक नहर की निर्माण हुई परंतु वर्तमान सरकार के उदासीनता के कारण समय से नहरों में पानी नहीं आ रहा है किसान को इस समय पानी की दरकार है खूंटी गन्ने की सिंचाई का समय है आगे पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों को हर खेतों को नलकूप या पंप सेटों से नहीं जोड़ा गया है नहरे भी सूख गई हैं नदी तालाब भी गर्मी के दिनों में सूखते चले जा रहा है

छोटी-छोटी माइनर निकली है नाहरों से माइनर निकली है मानारों में पानी नहीं है पानी उनके खेतों में नहीं जा रहा है जब बड़ी नहर में पानी नहोने के कारण छोटी नहरे भी सूख गई है जिस तरह से गर्मी पड़ रहा है अगर खूंटी गन्ने की सिंचाई नहीं हुई समय से उसकी निराई गुड़ाई नहीं हुई तो किसान हाथ मलता रह जाएगा सरकार को इस तरफ यह ध्यान देना चाहिए कि लघु सीमांत किसानों को उनके खेतों को पानी देने के लिए निशुल्क बोरिंग की व्यवस्था कराई जाती तो किसान लाभान्वित होता अन्य भी पैदा होता है उसे सरकार को और किसान दोनों को लाभ होता दुदही का इलाका बलुवीदोमट मिट्टी का इलाका है दुदही बिशनपुरा ब्लॉक में हल्दी की खेती को महत्व सरकार दे यहां ज्यादा से ज्यादा हल्दी की खेती का पैदावार होगा और इसका विपणन की व्यवस्था करें तो किसानों को निश्चित ही लाभ होगा या क्षेत्र आज भी किसानों का दिल दुख आ रहा है श्री विधायक ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद के तहत उत्तर प्रदेश की सरकार में कुशीनगर जनपद को केला से उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है लेकिन बड़े दुख की बात यह है कि किसानों के बीच में कृषि विभाग द्वारा कोई प्रशिक्षण देने का कारण नहीं हो रहा है जो भी संस्थाएं हैं दो-चार लोगों को बुलाकर सेमिनार करके अखबारों में फोटो छपवा कर के बयान देकर के सरकार की आदेश को सीधी करने में लगे हुए हैं किसान के पास सरकार द्वारा भेजी गई योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण क्षेत्र का किसान पिछड़ा हुआ है केले की खेती का प्रोत्साहन अगर किसानों को मिले इससे भी उनके खेतों में पानी और खाद की संचित व्यवस्था कराई जाए तो निश्चित ही किसान का भी भला होगा फायदा होगा श्री विधायक ने सरकार से इस तरह ध्यान देने की अपील किया है साथ ही किसानों को जागरूक रहने के लिए निवेदन किया है

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