चेतना द्वारा दिव्यागों को ट्राई साइकिल का वितरण: दिव्यांगों के प्रति दया के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत- खेदन लाल

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ब्यूरो रिपोर्ट अभिषेक यादव प्रतापगढ़

पट्टी (प्रतापगढ़) ! दिव्यांगों के प्रति दया के बजाय उन्हें प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है, जिसे तरुण चेतना संस्था बखूबी कर रही है. उक्त विचार आज पट्टी के गुडविल पब्लिक स्कूल में तरुण चेतना संस्था द्वारा आयोजित ट्राई साइकिल वितरण समारोह में नगर पंचायत अध्यक्ष खेदनलाल जायसवाल ने व्यक्त किया. श्री जायसवाल ने अमेरिका के जीव दया फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि भारत से दूर रह कर भी फाउंडेशन के संस्थापकों द्वारा भारत के लोगों व उसकी मिटटी से प्रेम करना एक सराहनीय कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. उन्होंने तरुण चेतना की सराहना करते हुए अगले शिविर में सभी विकलांगों को एक-एक कम्बल भी देने की घोषणा की.
इस अवसर पर आयोजक संस्था के निदेशक नसीम अंसारी ने कहा कि दिव्यांगों की आजीविका के अवसर को बढाने के लिए आज जीव दया फाउंडेशन, अमेरिका के सहयोग से दिव्यांगों के लिए 21 ट्राई-साइकिल व 4 व्हील-चेयर का वितरण किया, जो फाउंडेशन के सहयोग से आगे भी जारी रहेगा. श्री अंसारी के अनुसार आगे चलकर फाउंडेशन द्वारा जरूरतमंद दिव्यांगों को रोजगार के लिए भी मदद की जाएगी. श्री अंसारी ने आगे कहा कि संयुक्तराष्ट्र द्वारा इस साल दिव्यांग व्यक्तियों की थीम ‘विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व और विकास में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है जो समावेशी, समान और सतत विकास के लिए विकलांग व्यक्तियों के सशक्तीकरण पर केंद्रित है” यह थीम ‘किसी को पीछे नहीं छोड़ने’ का संकल्प व्यक्त करता है और इसी थीम पर जीव दया फाउंडेशन और तरुण चेतना सतत प्रयासरत है.
कार्यक्रम में जीव दया फाउंडेशन के क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी अनिल सिंह ने कहा कि ट्राई-साइकिल मिलने से जहाँ दिव्यांगों को आजीविका के अवसर बढ़ेंगे वहीं दूसरी तरफ स्कूल न जाने वाले व ड्रापआउट बच्चों की रुकी पढ़ाई भी शुरू होगी. इससे दिव्यांगों को शिक्षित व आत्मनिर्भर बन कर सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी. कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति पुरष्कार से सम्मानित मुन्नी बेगम ने महिला दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ने व आत्मनिर्भर बनाने की जोरदार पैरवी की.

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