गोरखपुर खजनी में छठ व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को दीया अर्घ्य….

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अमिट रेखा
शक्ति ओम सिंह
खजनी गोरखपुर

शहर ग्रामीण क्षेत्रों के नदी तालाबों के घाटों पर मनाया छठ पर्व

घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की रही पुख्ता व्यवस्था

वरिष्ठ अधिकारीगण सभी घाटों की सुरक्षा व्यवस्था स्वयं ले रहे थे जायजा

बनकटा घाट, हरीहरपुर ,सीरया, तिवारी, सिकरीगंज,राजघाट राप्ती तट मानसरोवर गोरखनाथ भीम सरोवर सूर्य कुंड रामगढ़ ताल मीरपुर राप्ती तट मोटे मंदिर पिपराइच सहित अन्य विभिन्न तालाबों व घाटों पर उगते सूर्य को महिलाओं ने दिया अर्घ्य

गोरखपुर। आस्था का महापर्व छठ कोरोना पर पड़ा भारी उगते भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ सूर्यदेव की आराधना का चार दिवसीय छठ पूजा का महापर्व सम्पन्न हुआ उगते सूर्य को अर्द्ध देने के लिए व्रती महिलाएं एवं श्रद्धालु जलाशय एवं नदियों के किनारे स्थित छठ घाटों पर सूर्योदय के काफी पहले से पहुंचे
छठ गीतों के साथ व्रती अपने घरों से मौसमी फलों एवं पूजन सामग्री से सजे सूपा एवं दऊरा के साथ निकलकर छठ घाट पहुंचे व्रती महिलाओं ने पानी मे खड़े रहकर सूर्यदेव के उदित होने की प्रतीक्षा की, सूर्योदय के साथ ही भगवान भास्कर को कच्चे दूध एवं जल का अर्घ्य दिया सूर्यदेव को अर्द्ध देने के बाद पूजन, हवन, आरती के साथ छठ माई का प्रसाद वितरण किया गया। इस प्रसाद को ग्रहण करने के लिए श्रद्धालु घंटों छठ घाट पर खड़े रहकर प्रतिक्षारत रहे छठ घाट पर भगवान भास्कर के उदित होने की प्रतीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं ने पटाखे फोड़कर उत्सव का आनंद भी उठाया छठ पूजा के इस पर्व में सभी धर्मों के लोग भारी संख्या में सम्मिलित होकर कलियुग के प्रत्यक्ष देवता सूर्यदेव एवं छठ माई का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया सूर्य पूजन के उपरांत व्रती महिलाओं द्वारा अखण्ड सौभाग्य के प्रतीक सिंदूर को विवाहित महिलाओं की मांग मे लगाया तथा श्रद्धालुओं को सिंदूर का टीका लगाया।

षष्ठी देवी की पूजा जल के किनारे की जाती है ।इसके पीछे भी कारण है।देवी कात्यायनी जिसे षष्ठी देवी कहा जाता है ,उनका जल से अगाध प्रेम था ।इस व्रत का उत्सव उत्तर भारत के पूर्वी भाग में(बिहार ,बंगाल,उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग) तथा बांग्लादेश के पश्चिमी भाग में अत्यन्त श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मनाया जाता है ।इस महोत्सव मे कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक पूजा का विधान हैं ।श्रद्धा,भक्ति और विश्वास के साथ जो लोग मान षष्ठी देवी के साथ सूर्य की पूजा करते हैं,उन व्रतियो की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है,इसमे सन्देह नही है ।सच्ची आराधना देवता को आकर्षित करती है। दिन प्रतिदिन आस्था का महापर्व छठ बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश दिल्ली में सर्वाधिक मनाया जाने लगा है छठ पर्व के आगे अब धीरे-धीरे दीपावली का त्यौहार फीका पड़ने लगा है।

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